सचल पुस्तकालय
पुस्तकालय किसी भी समाज के सांस्कृतिक और बौद्धिक धरोहर का खजाना होता है, यह छात्रों के जीवन का अभिन्न हिस्सा है, जो उनके शैक्षिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उत्तराखण्ड पर्वतीय राज्य है, जहां जिला पुस्तकालय में प्रतिदिन जाकर किताबें पढ़ना कठिन है, इन पाठकों को उनके निकटतम बाजार तक पुस्तकालय को पहुचाने के लिए सचल पुस्तकालय का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इस पुस्तकालय में संस्थान द्वारा प्रकाशित पुस्तकों के अतिरिक्त भारतीय समृद्ध साहित्य की पुस्तकें, शोध पुस्तकें, इतिहास, भूगोल, प्रतियोगी परीक्षा की पुस्तकें, सामाजिक विषयों एवं उत्तराखण्ड के साहित्यकारों द्वारा लिखी गई पुस्तकों का संग्रह करके पाठकों तक पहुँचाने का उद्देश्य है, सचल पुस्तकालय में पाठकों को संस्थान द्वारा प्रकाशित साहित्य एवं अन्य साहित्य की पुस्तकें निर्धारित छूट पर क्रय के लिए उपलब्ध रहेंगी।
लाभार्थी:
--
लाभ:
--
आवेदन कैसे करें
—